Is Education loan is good for Students ?

ऊंची फीस के कारण कई बार लगता है कि शिक्षा आम आदमी से दूर होती जा रही है। पर प्रतिभाशाली छात्रों के लिए विकल्पों की कमी नहीं है। एजूकेशन लोन के माध्यम से वे अपनी आर्थिक समस्याएं चुटकियों में दूर कर सकते हैं। साथ ही अपने अरमानों को पूरा कर सकते हैं।

शिक्षा दिनों दिन महंगी होती जा रही है। बेहतर संस्थान तथा पाठयक्रमों के अध्ययन के लिए मोटी फीस देना छात्रों की मजबूरी हो गई है। फीस बढ़ाने की इस दौड़ में सिर्फ निजी संस्थान ही शामिल नहीं है, बल्कि आईआईटी और आईआईएम जैसे संस्थान भी इससे अछूते नहीं हैं। तर्क यह है कि बेहतर गुणवत्ता के लिए पैसे की जरूरत तो होती ही है। गुणवत्ता सुधार का यह बोझ किस हद तक छात्रों पर डाला जाए यह अपने आप में तर्क का विषय है।

उच्च शिक्षा को दिया जाने वाला सरकारी समर्थन भी लगातार घटता जा रहा है। इस कारण स्थिति और भी खराब हो गई है। कई पाठयक्रमों की फीस लाखों में पहुंच चुकी है। ऐसे में कई प्रतिभा संपन्न छात्र केवल फीस के कारण बेहतर शिक्षा से महरूम हो जाते हैं।
पुरानी कहावत है एक दरवाजे के बंद होने के बाद सौ दूसरे दरवाजे खुल जाते हैं। उसी तरह आज उच्च शिक्षा के तकनीकी संस्थानों में फीस वृद्धि के बावजूद छात्रों के पास एजूकेशन लोन जैसा मजबूत विकल्प मौजूद है। कई बैंकों द्वारा आकर्षक शर्तो पर ये लोन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। किसी भी कोर्स के लिए यह लोन लिया जा सकता है लेकिन खास शर्त यह होती है कि वह कोर्स मान्यता प्राप्त हो और उच्च शिक्षा के मापदंड पर खरा साबित होता हो।

पाठयक्रम की अवधि पूरी होने के एक या दो वर्ष बाद से इसे किस्तों में वापस करना होता है। इसके पीछे सोच यह होती है कि छात्र पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी ज्वाइन कर ले और अपनी कमाई के पैसों से ही लोन अदा कर दे। इस प्रकार आपने नौकरी पाने के लिए जो पढ़ाई की, उसका खर्च उसी से निकल जाता है। एजूकेशन लोन की कई अच्छी योजनाओं के बावजूद छात्र जानकारी के अभाव में इनका लाभ नहीं उठा पाते। किन पाठयक्रमों के लिए लोन मिलता है, गारंटी क्या देनी होती है, इसकी शर्ते क्या हैं – ऐसे तमाम सवाल छात्रों के मन में होते हैं। इन्हीं सवालों का जवाब ढूंढने के लिए यहां एजूकेशन लोन्स के विषय में विस्तार से चर्चा की जा रही है।

पात्रता
ऐसे किसी भी पाठयक्रम के लिए एजूकेशन लोन मिल सकता है जिसे करने के बाद रोजगार मिलने की संभावना हो। इसके तहत ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन तथा प्रोफेशनल कोर्सेज शामिल हैं। ये पाठयक्रम यूजीसी, भारत सरकार अथवा एआईसीटी से मान्यता प्राप्त हों, यह एक आवश्यक शर्त है। इस तरह के लोन विदेशों में पढ़ाई के लिए भी दिए जाते हैं। किसी अभ्यर्थी को लोन देने के पूर्व बैंक उसकी योग्यता के विषय में भी आश्वस्त होता है। सामान्यत: 60 प्रतिशत अंकों को बेहतर माना जाता है। कुछ बैंक 70 प्रतिशत अंकों को मानक मानते हैं। छात्र को कोर्स में नामांकन से संबंधित पत्र भी प्रस्तुत करने होते हैं। भारतीय स्टेट बैंक, मुख्य शाखा दिल्ली में असिस्टेंट मैनेजर (एजूकेशन लोन) आरके तिवारी कहते हैं कि किसी भी छात्र के मेरिट का निर्णय करना काफी सब्जेक्टिव मैटर होता है। मात्र परीक्षा के प्राप्तांकों के आधार पर इसका निर्णय नहीं लिया जा सकता। अगर कोई हमेशा से सेकेंड क्लास रहा है लेकिन उसका चयन आईआईटी या आईआईएम में हो जाता है तो उसे मेधावी माना जाएगा। उसके पूर्व के रिकार्ड को कोई भी बैंक नहीं देखेगा।

प्रक्रिया
एजूकेशन लोन का इच्छुक कोई भी छात्र अपने नजदीकी बैंक की शाखा में जाकर फार्म ले सकता है। भरे हुए फार्म के साथ जरूरी कागजात जमा करने होते हैं। कागजी कार्यवाही पूरा करने के बाद बैंक पंद्रह दिनों का प्रोसेसिंग टाइम लेता है। इस अवधि के बाद यदि बैंक संतुष्ट हो जाता है तो लोन स्वीकृत कर दिया जाता है। लोन लेते समय छात्र को निम्न दस्तावेज जमा करने होते हैं :
1. एजूकेशन लोन का पूरा भरा आवेदन पत्र।
2. पूर्व में पास परीक्षा का अंक पत्र।
3. कोर्स में नामांकन संबंधी पत्र।
4. कोर्स में होने वाले खर्चो की सूची (संस्थान द्वारा दी गई)।
5. दो पासपोर्ट साइज का फोटोग्राफ।
6. छात्र या उसके पिता/माता के बैंक खाते के पिछले छह माह का स्टेटमेंट।
7. छात्र या उसके पिता/माता के पिछले दो साल का आयकर एसेसमेंट।
8. अहर्ता की पारिवारिक जिम्मेदारियों और पूर्व के कर्जो का विवरण। (अगर कोई हो)
9. पिता/माता या अभिभावक के आय संबंधी प्रमाण पत्र। कुछ स्थितियों में थर्ड पार्टी की गारंटी भी आवश्यक होती है। गारंटी वह दस्तावेज है जिसमें छात्र से संबंधित कोई व्यक्ति लोन वापसी की जिम्मेदारी लेता है। छात्र द्वारा लोन न लौटाने की स्थिति में लोन वापस करना उसकी बाध्यता होगी। ऐसा न करने पर उस व्यक्ति पर भी कानूनी कार्यवाही की जा सकती है। लोन की राशि 4 लाख से कम होने पर किसी प्रकार की गारंटी की जरूरत नहीं होती। मगर लोन 4 लाख से अधिक होने पर गारंटी के पेपर भी दाखिल करने होते हैं। 7.5 लाख या उससे अधिक के लिए राशि के बराबर उस प्रॉपर्टी के कागज प्रस्तुत करने होते हैं।

राशि एवं ब्याज दर
देश में पढ़ने के लिए अधिकतम 10 लाख का लोन दिया जाता है, जबकि विदेश में अध्ययन के लिए 20 लाख तक की राशि का प्रावधान है। चार लाख तक के लोन पर ब्याज दर 10.5 प्रतिशत है। इसके ऊपर 11.5 प्रतिशत ब्याज दर निर्धारित है। एजूकेशन लोन में मार्जिन मनी की भी जरूरत होती है। मार्जिन मनी कोर्स फी का वह हिस्सा है जिसे छात्र को स्वयं अपनी ओर से खर्च करना होता है। चार लाख तक की राशि पर मार्जिन मनी की कोई जरूरत नहीं होती। चार लाख से ऊपर भारत में पढ़ाई के लिए मार्जिन मनी 5 प्रतिशत निर्धारित है तथा विदेश में पढ़ने के लिए 15 प्रतिशत मार्जिन मनी आवश्यक होता है।

लोन के मद
एजूकेशन लोन पढ़ाई के दौरान होने वाले अधिकतर वाजिब खर्चो के लिए दिया जाता है। इसमें कॉलेज व हॉस्टल फीस, परीक्षा फीस, लाइब्रेरी तथा लेबोरेट्री शुल्क शामिल है। इसके साथ किताबों, अध्ययन संबंधी उपकरणों और ड्रेस पर व्यय इस लोन में शामिल होते हैं। छात्र के आग्रह पर यह खर्चे भी बैंक एजूकेशन लोन में जोड़कर उपलब्ध करा देता है। अगर पाठयक्रम के लिए जरूरी हो तो छात्र को कंप्यूटर की खरीद के लिए भी कर्ज दिया जाता है। पढ़ाई के दौरान प्रोजेक्ट वर्क तथा यात्रा के लिए किए गए व्यय की राशि भी बैंक देता है। कुछ शर्तो के तहत दोपहिया वाहनों की खरीद के लिए भी धन एजूकेशन लोन के तहत आवंटित किया जाता है।

लोन की वापसी
कोर्स पूरा होने के एक वर्ष बाद से लोन की किस्तें वापस करनी होती है। इस अवधि से पहले अगर छात्र जॉब शुरू कर देता है तो छह माह बाद से किस्ते जमा करनी होती हैं। देश में अध्ययन के लिए लिया गया 7.5 लाख तक का लोन 5 से 7 वर्ष में वापस करना होता है जबकि इससे अधिक के लिए निर्धारित अवधि 5 से 10 वर्ष है। विदेश में अध्ययन के लिए 15 लाख तक की राशि 5 से 7 वर्ष में वापस करनी होती है जबकि इससे अधिक राशि 5 से 10 वर्षो में वापस करनी होती हैं। लोन लेते समय ही वापसी की अवधि तथा किस्तों के विषय में बैंक के साथ करार हो जाता है। अधिकतर एजूकेशन लोन्स के लिए आसान किस्तों का प्रवधान है। पिछले कुछ सालों में रिजर्व बैंक तथा सरकार द्वारा एजूकेशन लोन की प्रक्रिया को और आसान बना दिया गया है। आज कोई भी छात्र इस सुविधा का लाभ उठा सकता है। अगर आप भी पैसे की कमी के कारण आगे के अध्ययन में कोई समस्या अनुभव कर रहे हैं तो निराश होने की जरूरत नहीं है। थोड़ी समझ बूझ और प्रयास से आपका रास्ता आसान हो सकता है। एजूकेशन लोन के विषय में और जानकारी आप अपनी नजदीकी बैंक ब्रांच या बैंक की वेबसाइट से पता कर सकते हैं।

एजूकेशन लोन देने वाले प्रमुख बैंक व उनकी वेबसाइट :
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया
www.state bank india .com 
बैंक ऑफ बड़ौदा
www.bankofbaroda.com 
देना बैंक
www.denabank.com 
इलाहाबाद बैंक
www.allahabadbank.com 
कारपोरेशन बैंक
www.corpbank.com 
बैंक ऑफ इंडिया
www.bankofindia.com
केनरा बैंक
www.canbankindia.com 
पंजाब नेशनल बैंक
www.pnbindia.com
यूको बैंक
www.ucobank.com 
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया
www.unionbankofindia .com

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