साहित्य का नोबल डोरिस लेसिंग को

प्रसिद्ध ब्रितानी लेखिका डोरिस लेसिंग को इस बार साहित्य का नोबल पुरस्कार दिया गया है। उन्हें यह पुरस्कार अपने पांच दशक लंबे रचनाकाल के लिए दिया गया। महिला, राजनीति और अफ्रीका में बिताए यौवनकाल उनके लेखन के प्रमुख विषय रहे।

अगले साल 88 साल की होने जा रहीं लेसिंग 1901 से प्रारंभ इस पुरस्कार को प्राप्त करने वाली केवल 11 वीं महिला लेखिका है।

पुरस्कार की घोषणा करते हुए रॉयल स्विडिश अकादमी ने नारी के विषय में उनके लेखन ने समाज को चिंतन पर मजबूर किया। हालांकि उन्होंने कई विषयों पर लेखन किया। लेकिन द गोल्डन नोटबुक उनकी लोकप्रिय किताब है।

संक्षिप्त परिचय: लेसिंग का जन्म खेरमंशाह(ईरान) में हुआ था। उनके यौवनकाल जिंबाब्वे में बिता जहां उनके माता-पिता 1927 को चले गए थे। उन्होंने इस दौरान बिताए एकांत के पलों को नरकीय अकेलापन करार दिया। वे ज्यादा समय वहां नहीं ठहर सकीं और 1939 में उन्होंने फ्रेंक विस्डन से विवाह रचाया। 1943 में अपने पति से तलाक लेने से पहले उन्होंने दो बच्चों को जन्म दिया। इसके बाद उन्होंने 1949 में जर्मन राजनेता गाटफ्रेड लेसिंग से विवाह रचाया। इसके कुछ समय बाद वे ब्रिटेन वापस आ गईं। वहां उनके बेटे ने उनकी पांडुलिपियांे से पहला उपन्यास द ग्रॉस इज राइजिंग प्रकाशित करवाया।

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