साइमंड्स के साथ नस्लीय दुर्व्‍यवहार

भारत के दौरे पर आई ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम मैदान के अंदर और बाहर दोनों मोर्चो पर मेजबान को घेरने में कोई कसर नहीं लगा रही है। श्रीसंथ के ऑफ द फिल्ड व्यवहार के बाद अब मेहमान टीम ने वडोदरा के दर्शकों पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने पांचवे वन डे के दौरान एंड्रयु साइमंड्स पर नस्लभेदी टिप्पणियां की थी। अब तक केवल ऑस्ट्रेलियाई दर्शकों ही इसके लिए बदनाम रहे हैं, मुथैया मुरलीधरन, मोंटी पनेसर और केविन पीटरसन उनके शिकार बन चुके हैं।

ऑस्ट्रेलिया टीम के सूत्रों के हवाले से ऑस्ट्रेलियाई मीडिया में इस बात की पुष्टि की है। हालांकि टीम ने यह मामला स्थानीय प्रशासन के हवाले सौंप दिया है। अब आईसीसी इस बारे में उनसे जानकारी लेगा। बड़ौदा क्रिकेट एसोसिएशन के मकरंद वेंगनकर ने बताया कि भारत के दूसरे सेंटरों की तरह यहां भी इस तरह का व्यवहार सहन नहीं किया जाएगा। भारत में कहीं भी नस्लभेद नहीं है।

उन्होंने कहा कि भारत एक बहुरंगीय देश है। यहां पर कई धर्म और भाषा के लोग हैं जो आपस में मिलकर रहते हैं। बड़ौदा गुजरात का सांस्कृतिक शहर है। कुछ लोग इसकी छवि बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं यह शर्मनाक है। उल्लेखनीय है कि पांचवे वन डे में भारत की शर्मनाक हार से नाराज कुछ दर्शकों ने मैदान में बोतलें फेंकी थीं।

कड़ी है आईसीसी की नियमावली:
आईसीसी ने दर्शकों की ओर से होने वाले नस्लभेदी व्यवहार को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। उसका ध्यान इस ओर दक्षिण अफ्रीका के ऑस्ट्रेलियाई दर्शकों पर आरोप लगाए जाने के बाद गया था। नई नियमावली के तहत अगर कोई दर्शक नस्लीय टिप्पणी करने का दोषी पाया जाता है तो उस पर लाइफटाइम बैन लग सकता है और संबंधित मैच स्थल पर भी जुर्माना और प्रतिबंध लगाया जा सकता है।

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