मांग बढ़ी स्किल्ड प्रोफेशनल्स की

सुगंधा प्रतिभाशाली होने के साथ-साथ अच्छे व्यक्तित्व की भी धनी है। ऐसा शायद ही कोई हो, जो उसकी कम्युनिकेशन स्किल से प्रभावित न हो। खास बात यह है कि वह अंग्रेजी भी बहुत अच्छी बोल लेती है। पिछले वर्ष ग्रेजुएशन के दौरान वह शौकिया तौर पर एक मल्टीनेशनल बीपीओ कंपनी में इंटरव्यू देने गई। वहां उसकी पर्सनैल्टी और उसके प्रजेंटेशन को देखते हुए उसे तुरंत जॉब ऑफर कर दी गई। जी हां, बीपीओ सेक्टर को ऐसे प्रतिभाशाली लोगों की जरूरत होती है। यहां एकेडमिक एजुकेशन उतना मायने नहीं रखता, जितनी व्यक्ति की समझ, उसकी कम्युनिकेशन स्किल और किसी बात को समझाने की कला रखती है। इस तरह की कला में आप भी थोड़े प्रयास से पारंगत हो सकते हैं और एमएनसी में आकर्षक जॉब पा सकते हैं। उच्च कोटि की त्वरित सेवा, व‌र्ल्ड क्लास की टेक्नोलॉजी, बड़ी संख्या में आईटी एक्सपर्ट और अंग्रेजी में पारंगत युवाओं के अलावा सस्ता श्रम-ये ऐसे क

बीपीओ पिछले कुछ वर्षो में तेजी से उभरता क्षेत्र है, जिसमें स्किल्ड प्रोफेशनल्स की जबरदस्त मांग है। इस उन्नति करते क्षेत्र में करियर बनाने के लिए क्या करना चाहिए, आइए जानते हैं ..

कारण हैं, जिनकी बदौलत भारत पिछले कुछ वर्षो में पूरे विश्व में बिजनेस प्रॉसेस आउटसोर्सिग यानी बीपीओ के क्षेत्र में अव्वल बना हुआ है। भारतीय सॉफ्टवेयर कंपनियों के संगठन नैस्कॉम के चेयरमैन किरण कार्निक का कहना है कि इस समय भारत में बीपीओ उद्योग का सालाना कारोबार 2.34 अरब डॉलर का है। उधर, कॉल सेंटर्स के संगठन सीसीएआई के पीआर काउंसिल के चेयरमैन दीपक कपूर का मानना है कि वर्तमान समय में बीपीओ उद्योग के क्षेत्र में भारत दुनिया के हर बड़े देश के लिए बहुत बड़ा डेस्टिनेशन है। सेवा क्षेत्र और उसमें भी बीपीओ उद्योग की लगातार बढ़ती भूमिका को स्वीकार करते हुए केंद्र की यूपीए सरकार ने इस क्षेत्र के उदारीकरण को अपने एजेंडे में सबसे ऊपर रखा है। संभवत: यही कारण है कि प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने हाल ही में सेवा क्षेत्र में निर्यात और बढ़ाने तथा इस क्षेत्र में विदेशी निवेश को आकर्षित करने के उपाय सुझाने के लिए योजना आयोग के तहत एक उच्च स्तरीय समूह का गठन करने की घोषणा की, जिसमें विभिन्न मंत्रालयों के अलावा कॉरपोरेट क्षेत्र के भी प्रतिनिधि भी शामिल किए जाएंगे। पिछले दिनों नई दिल्ली में आल इंडिया मैनेजमेंट असोसिएशन द्वारा मैनेजिंग द फ्यूचर विषय पर आयोजित एक इंटरनेशनल सेमिनार में बोलते हुए अमेरिका के मशहूर बिजनेस नेटवर्क मॉनिटर ग्रुप के चेयरमैन पीटर श्वार्ज ने कहा कि, भारत अंग्रेजी के अपने ज्ञान से बीपीओ और केपीओ (नॉलेज प्रॉसेस आउटसोर्सिग)के क्षेत्र में सभी को पीछे छोड़ सकता है। योजना आयोग के अनुमान के अनुसार अगले दस वर्षो में सेवा क्षेत्र में 70 प्रतिशत से अधिक रोजगार के अवसर सामने आएंगे। आईटी और बीपीओ के क्षेत्र में लगभग 30 प्रतिशत की दर से प्रगति हो रही है। ऐसे में अगले पांच वर्षो में इन क्षेत्रों में एक से डेढ़ मिलियन अतिरिक्त लोगों को काम मिलेगा। टेलीकम्युनिकेशन, रिटेल, टूरिज्म, हॉस्पिटैलिटी और वित्तीय जैसे अन्य सेवा क्षेत्र भी जिस तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, उसे देखते हुए इनमें भी रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। ये सभी मिलकर अगले पांच वर्षो में 50 लाख से अधिक रोजगार अवसर सृजित करेंगे। बीपीओ का मतलब
बीपीओ यानी बिजनेस प्रॉसेस आउटसोर्सिग का मतलब है कोई कार्य अपने देश से बाहर कराना। ऐसा आईटी के बढ़ते प्रभाव के चलते संभव हो सका है। दरअसल, पश्चिमी और यूरोपीय देशों में श्रम काफी महंगा है, जिससे किसी भी सेवा की लागत काफी बढ़ जाती है, जबकि वही कार्य भारत जैसे देश में कराने पर यह बेहद सस्ता पड़ता है। इसे एक उदाहरण से अच्छी तरह समझा जा सकता है-मान लीजिए अमेरिका में पांच सौ पृष्ठों की एक किताब की सामग्री टाइप कराने पर प्रति पृष्ठ दस डॉलर यानी करीब पांच सौ रुपये का खर्च आता है, जबकि वही कार्य भारत जैसे किसी देश में कराने पर यह खर्च मात्र तीस-चालीस रुपये आता है। इस तरह की सेवाओं के लिए विकसित देशों में मासिक वेतन के रूप में एक लाख रुपये से अधिक की डिमांड होती है, जबकि भारत में यह औसतन आठ-दस हजार रुपये मासिक वेतन देकर कराया जा सकता है।
संभावनाएं हैं अपार
इस तरह की सेवाएं काफी गुणवत्ता के साथ होने के कारण भारत विकसित देशों के बीच काफी लोकप्रिय हो गया। इस लोकप्रियता का एक और बड़ा कारण भारतीयों की अच्छी अंग्रेजी और बेहतर उच्चारण भी है। अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, मैक्सिको, फ्रांस आदि देशों से बड़ी संख्या में काम मिलने के कारण भारत में कॉल सेंटर्स और सेवा प्रदाता कंपनियों की संख्या तेजी से बढ़ी। कुछ ही समय में इसने रोजगार प्रदान करने वाले प्रमुख क्षेत्रों के बीच स्थान बना लिया।
पिछले एक दशक में बीपीओ और सेवा उद्योग से संबंधित अन्य क्षेत्रों तेजी से प्रगति की है। हाल के एक शोध के अनुसार अगले पांच वर्षो के दौरान बीमा, बैंकिंग तथा वित्तीय क्षेत्र में करीब तीस लाख से ज्यादा योग्य लोगों की आवश्यकता होगी (देखें बॉक्स)। हालांकि आईटी और बीपीओ की तरह इन सेवा क्षेत्रों में भी योग्य प्रोफेशनल्स की कमी महसूस की जा रही है।

ट्रेनिंग व कोर्स
बीपीओ और सेवा क्षेत्र में शीघ्र और अच्छी नौकरी पाने के लिए प्रशिक्षण की जरूरत होती है, ताकि बीपीओ कंपनी में क्वालिटी वर्क किया जा सके। जिस देश के लिए सर्विस प्रोवाइड कराना है, वहीं की भाषा और शैली में काम करना होता है, इसलिए सही उच्चारण और कार्यशैली के लिए पर्याप्त ट्रेनिंग की जरूरत होती है। चूंकि भारत की परंपरागत शिक्षा पद्धति और सरकारी क्षेत्र में इन नए क्षेत्रों के बारे में कुछ पढ़ाया नहीं जाता और किसी तरह की ट्रेनिंग उपलब्ध नहीं है, इसलिए इस दिशा में निजी क्षेत्र द्वारा ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही है। इस तरह के प्रयास हीरो माइंडमाइन, अकिको कालनेट जैसी संस्थाओं द्वारा भी किए जा रहे हैं। इनके द्वारा दो माह से लेकर एक वर्ष तक के कोर्स चलाए जा रहे हैं। स्टूडेंट का रुझान जैसा होता है, उसे उसी के अनुरूप ट्रेनिंग दी जाती है। उसे ब्रिटिश व अमेरिकी स्टाइल में अंग्रेजी बोलने और कम्युनिकेशन स्किल की ट्रेनिंग दी जाती है।
योग्यता
बीपीओ क्षेत्र की ट्रेनिंग बारहवीं या ग्रेजुएशन के बाद ली जा सकती है। इस संबंध में हीरो माइंड माइन के प्रेसिडेंट आशीष गुप्ता का कहना है कि यदि स्टूडेंट अंडर-ग्रेजुएट के दौरान इस तरह का कोर्स करते हैं, तो यह उनके लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है।
वेतन
आईबीएम जैसी बड़ी व मल्टीनेशनल कंपनियों में नौकरी की शुरुआत 18 हजार रुपये प्रतिमाह की सैलरी से होती है, जबकि डोमेस्टिक कंपनियों में 5-8 हजार रुपये शुरुआत हो सकती है। दक्षता और अनुभव बढ़ने के साथ सैलरी में तेजी से बढ़ोत्तरी हो सकती है।

प्रमुख संस्थान लहीरो माइंडमाइन (हीरो ग्रुप), पाम कोर्ट, द्वितीय तल, 20/4 मेहरौली-गुड़गांव रोड, गुड़गांव-122001, फोन : 0124-2220384 /0385/0273 ई-मेल : info@heromindmine.com
वेबसाइट : www.heromindmine. com
अकीको कॉलनेट, 17 पूसा रोड, द्वितीय तल, नई दिल्ली-110005, फोन : 011-41450766, 41450799, 41450066 ई-मेल : info@shermanindia .com
वेबसाइट : www.akiko callnet.orgu
जॉब के हैं अवसर अपार
शरमन ग्रुप के उपक्रम अकीको कॉलनेट के एमडी प्रणय शर्मा का कहना है कि वर्ष 2008 तक कॉल सेंटर्स द्वारा करीब 20 लाख लोगों को रोजगार उपलब्ध कराए जाने की उम्मीद है। ऐसी स्थिति में भारत के युवाओं को आगे बढ़कर इस अवसर का लाभ उठाना चाहिए और इंडस्ट्री की मांग के मुताबिक आवश्यक स्किल अर्जित कर सॉफ्टवेयर व्यवसाय की तरह बीपीओ क्षेत्र में भी भारत को विश्व में अग्रणी बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देना चाहिए।
जरूरत है योग्य लोगों की
हीरो ग्रुप की इकाई हीरो माइंडमाइन के प्रेसिडेंट आशीष गुप्ता का कहना है कि विदेशों से मिल रहा आउटसोर्सिग का काम लगातार बढ़ने से बीपीओ क्षेत्र में स्किल्ड युवाओं की मांग काफी बढ़ गई है। उनका मानना है कि इसमें अगले पांच साल में 35-40 प्रतिशत की दर से बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद है। हीरो माइंडमाइन युवाओं को कुशल बनाने के लिए व‌र्ल्ड लेवल की ट्रेनिंग दे रहा है।

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