बेनजीर पर लगाए आरोप वापस

पाकिस्तान के राष्ट्रपति जनरल मुशर्रफ ने दोबारा राष्ट्रपति चुने जाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है और अब पाकिस्तान पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो के खिलाफ लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों को माफ करने के लिए तैयार हो गया है।

पिछले दिनों नए आर्मी प्रमुख को नियुक्त करने वाले मुशर्रफ और स्व निर्वासित बेनजीर भुट्टो के बीच सत्ता साझा करने को लेकर जो सौदा हुआ था, उसमें भुट्टो की एक प्रमुख मांग थी कि उन पर लगाए गए आरोप वापस लिए जाएं। तय कार्यक्रम के मुताबिक 18 अक्टूबर को पाक लौट रहीं भुट्टो पाकिस्तान के इस कदम से संतुष्ट दिखीं।

मुशर्रफ के निकट विश्वस्तों में माने जाने वाले रेल मंत्री शेख राशिद ने कहा कि भुट्टो के खिलाफ चल रहे मुकदमों को वापस लेने के लिए सरकार तैयार हो गई है। यह फैसला प्रधानमंत्री शौकत अजीज की अध्यक्षता वाली बैठक में लिया गया है।

गौरतलब है कि 1988 से 1990 और फिर 1993 से 1996 तक पाकिस्तान की प्रधानमंत्री रहीं बेनजीर भुट्टो 1999 से खुद निर्वासित होकर दुबई और लंदन में रह रही हैं क्योंकि उन पर लगाए गए आरोप अब तक लंबित पड़े हैं। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि सरकार के इस फैसले को राष्ट्रपति मुशर्रफ द्वारा आदेश जारी किए जाने पर अमल में लाया जाएगा।

तो कानून ही सही :भुट्टो के साथ किए सत्ता के सोदे के तहत अपनी प्रतिबद्धता जाहिर करने के लिए राष्ट्रपति मुशर्रफ एक विधेयक लाने जा रहे हैं। वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि 1985 से 1999 के बीच जिन राजनेताओं के खिलाफ मुकदमे दायर किए गए हैं उन्हें इस विधेयक से राहत मिलेगी और उन पर लगाए गए आरोप वापस ले लिए जाएंगे। हालांकि अधिकारियों ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि इस राहत के दायरे में कौन-कौन आएगा।

सौदे का हिस्सा :
कई महीनों से मुशर्रफ और भुट्टो के बीच सत्ता साझा करने के सौदे पर चल रही बातचीत जिन मुद्दों पर रह-रहकर अटक रही थी उनमें एक प्रमुख मुद्दा यही था कि भुट्टो चाहती थीं कि उनके कार्यकाल में रहे नेताओं पर दर्ज किए गए केस वापस लिए जाएं। इसके अलावा दोनों के बीच इस बात पर भी मतभेद था कि मुशर्रफ दोबारा राष्ट्रपति बनने से पहले वर्दी उतारेंगे या नहीं।

मुशर्रफ ने निभाए वादे :
ए डील इज ए डील : इस बात को साबित करते हुए मुशर्रफ ने मंगलवार सुबह एक वादा निभाया और नए आर्मी प्रमुख को कुर्सी सौंपकर वर्दी उतार दी। अब नए आर्मी प्रमुख आईएसआई के पूर्व प्रमुख अशफाक कियानी बनाए गए हैं। मुशर्रफ यह भी वादा कर चुके हैं कि राष्ट्रीय और संघीय संसद में राष्ट्रपति चुनाव जीतने पर वे 15 नवंबर को आर्मी से पूरी तरह से अपने कदम पीछे खींच लेंगे।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *