बच्चों के लिए मातम

गॉन बेबी गॉन में एक बच्चा गायब हो जाता है, रिजर्वेशन रोड में एक बच्च मारा जाता है, इंटु द वाइल्ड में एक कॉलेज का लड़का ग्रेजुएशन के बाद गायब है तो इन द वैली ऑफ इलाह में एक छोटा लड़का इराक में नौकरी कर लौटते हुए गायब हो जाता है।

ये सभी तस्वीरें ऐसी हैं, जिनमें मां-बाप ताज्जुब में हैं कि आखिर उनके बच्चे गए कहां? या फिर वे बच्चों की वापसी की कामना में लगे हैं।

गॉन बेबी गॉन में पेशे से चोर और ड्रग पर जीवित मां अपने चार साल के बच्चे के लौटने की दुआ कर रही है, जिसे कुछ लोग अपहरण कर ले गए हैं। वह अपनी इस कोशिश में अकेली नहीं है, और आने वाली कई फिल्मों में माता-पिता चाह रहे हैं कि उनके गायब हुए बच्चे लौट आएं। ईस्टर्न प्रॉमिसेज में एक बच्च जिसे अस्पताल से अगवा कर लिया गया है और रिस्टकटर्स: अ लव स्टोरी में एक युवक के आत्महत्या करने की कहानी है। इन सभी में हमें ऐसे मां-बाप दिखते हैं, जो अपने बच्चों के बारे में जानने के लिए बेताब हैं। रिजर्वेशन रोड में बाप सड़क पर मारे गए अपने चार साल के बेटे के लिए पुलिस की मदद करने को तैयार है। सभी में इन मां-बापों की कोशिश है कि कोई तो उनकी सुने।

ध्यान देने वाली बात यह है कि सिनेमाई मनोरंजन का कोई आम तरीका नहीं है, जबकि आमतौर पर स्क्रीनराइटर्स बच्चों को ऐसे खतरे में दिखाते हैं, जिन्हें बचाते हुए हीरो का हीरोइज्म कुछ ज्यादा उभरकर सामने आता है। ये सभी फिल्में किसी नुकसान की कहानी कहती हैं और किसी न किसी को इसके लिए जिम्मेदार ठहराती हैं। इन द वैली ऑफ इलाह में एक कम उम्र सैनिक की मौत के बाद पुलिस उसके हत्यारे को ढूंढने में लगी है, हालांकि कहानी में पुलिस का काम सैनिक के मां-बाप के मुकाबले कहीं पीछे छूट जाता दिखता है। रिजर्वेशन रोड में एक बच्चे की मौत एक शादी को आंसुओं में बदल देती है और मां-बाप को हतप्रभ कर जाती है।

हालांकि इस बात को मानना काफी कठिन है कि हॉलीवुड में कोई भी इस संदेश पर अपना भाग्य बनाने की जुगत में लगा हो कि उनके बच्चे मर रहे हैं। या तो यह वर्तमान का सच होना चाहिए या फिर इसे इतनी फिल्मों में एकसाथ नहीं दिखना चाहिए।

हालांकि सीधे तौर पर यह मानना ठीक नहीं होगा कि हो सकता है कि यह एक ऐसे देश की दास्तान कह रही हैं, जो इराक के साथ एक युद्ध में व्यस्त है और जिसके बेटे वहां खतरनाक युद्ध में होम हो रहे हैं और उनके मां-बाप उन्हें बचाने के लिए कुछ नहीं कर सकते। हो सकता है कि कुछ फिल्मों के लिए यह बात भी कहीं सच हो। हालांकि यह जरूर सच है कि ये फिल्में एक ऐसे समाज की कहानी जरूर कह रही हैं, जहां घर से बाहर असुरक्षा बढ़ गई है और बच्चे इसमें केवल एक बहाना भर हैं।

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