डायना की मौत हत्या नहीं हादसा : गवाह

डायना की मौत से जुड़े गवाह ने बताया कि डायना की हत्या नहीं की गई बल्कि एक हादसे में उनकी मौत हुई। डायना की कार जब पेरिस में एक टनेल के पीलर से टकराई उस वक्त हादसे के गवाह एनटोनियो लोप्स ब्रोग्स वहां मौजूद थे।

मामले से जुड़े वकील ने अदालत को बताया था कि एनटोनियो ने अपने मित्र अना सिमाओ से कहा था कि डायना की हत्या कराई गई है। डायना की मौत के मामले की जांच कर रही अदालत ने वीडियो लिंक से गवाह एनटोनियो से पूछताछ की । पूछताछ के दौरान एनटोनियो ने इस बात से इनकार किया कि अपने मित्र अना सिमाओ से उसने डायना की हत्या की आशंका जताई थी।

गौरतलब है कि 31 अगस्त 1997 की रात को रिट्ज होटल से डायना अपने ब्वॉय फ्रैंड डोडी फयाद के साथ के साथ रवाना हुई थी। पेरिस के एक टनेल के पास हुए कार हादसे में डयना, डोडी फयाद और ड्राईवर की मौत हो गई जबकि बॉडी गार्ड गंभीर रूप से घायल हो गया था।

डायना के ब्वॉय फ्रैंड डोडी फयाद के पिता मोहम्मद अल फयाद ने आरोप लगाया था कि क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय के पति प्रिंस फिलिप ने साजिश करके डायना और डोडी फयाद की हत्या कराई है। डायना की मौत के पीछे के सच को उजागर करने के लिए अदालत जांच कर रही है।

राजकुमारी का अंगरक्षक इराक भागा

ब्रिटेन की दिवंगत राजकुमारी डायना और उनके प्रेमी डोडी अल फयाद की 31 अगस्त 1997 को पेरिस में हुई कार दुर्घटना में मौत का अहम गवाह ट्रैवर रीस जोंस मामले की जांच से बचने के लिए इराक भाग गया है। दुर्घटना की जांच इस महीने फिर शुरू होने वाली है और जोंस को जनवरी में लंदन की हाईकोर्ट के समक्ष गवाही के लिए बुलाया जा सकता है।

‘संडे मिरर’ की रिपोर्ट के मुताबिक डोडी अल फयाद के बॉडीगार्ड रहे जोंस ने जांच और गवाही से बचने के लिए इराक में प्रायवेट सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी ढूंढ़ ली है। जोंस उस भीषण कार दुर्घटना में जीवित बचने वाला एकमात्र शख्स है। वह डायना और डोडी की लिमुजिन कार में सवार था। वह आगे की सीट पर बैठा था। दुर्घटना के कारण उसे भी गंभीर चोटें आई थीं। जोंस के एक करीबी मित्र ने कहा, ‘कार दुर्घटना के बारे में बहुत कुछ कहा जा चुका है। जोंस इस बारे में और बात नहीं करना चाहता। उसे अपनी जान जाने का डर है।

घटनास्थल का मुआयना किया
पेरिस.
डायना मामले की जांच कर रहे ब्रिटिश जूरी सदस्यों ने कार दुर्घटना स्थल का खुद मुआयना किया। कोर्ट के जज लॉर्ड जस्टिस स्कॉट बाकर ने मीडिया से आग्रह किया है कि वे जूरी की निजता का सम्मान करें।

उन्होंने मीडिया से जूरी सदस्यों की पहचान को गुप्त रखने का भी आग्रह किया। ब्रिटिश कानून के मुताबिक किसी व्यक्ति की अप्राकृतिक मौत का कारण तय करने के लिए जांच कराना जरूरी है।

जोंस अब उस हादसे को याद नहीं करना चाहता। सब-कुछ भूलकर वह नई जिंदगी जीना चाहता है।

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